Thursday, December 4, 2014

मुझसे पूछता है मेरा अक्श ...

मुझसे पूछता है मेरा अक्श, तेरा वज़ूद क्या है
है साहिलों पे रहता, तेरा समंदर से रिस्ता ही क्या है
बेवज़ह आसमा की तू करता है बातें …
ज़मीं पे रह के, तेरा ये उड़ने का जुनूँ क्या है …

मुझसे पूछता है मेरा अक्श …

तू होश-साज़ है या फिर मदहोश आज है
तू राज़-साज़ है या राज़-ए-अयमान है
बेवज़ह करता है तू ख्वाबों की बातें …
खामोश निगाहों से कहने का तेरा ये फितूर क्या है …
मुझसे पूछता है मेरा अक्श …

Image Hosted by ImageShack.us